Online Uttarakhand Online Uttarakhand: जाने आदि कैलाश पर्वत के बारे में और कैसे करें यह यात्रा

Wednesday, 19 April 2017

जाने आदि कैलाश पर्वत के बारे में और कैसे करें यह यात्रा


जाने आदि कैलाश पर्वत के बारे में और कैसे करें यह यात्रा


आदि कैलाश पर्वत :- हेलो दोस्तों उत्तराखंड पहले से ही लोगो को लुभाता रहा है। क्योंकि यहाँ पर काफी ऐसी बेहतरीन जगह हैं जो लोगो ने कभी नहीं देखी होगी। उत्तराखंड देवभूमि के नाम से भी जानी जाती है।  तो चलिए आपको बताते हैं आदि कैलाश पर्वत के बारे में।  यह पर्वतमाला भारत और तिब्बत के बीच में स्थित है एवं इसे छोटा कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक पवित्र स्थान है और लगभग समुद्र तल से ५९४५ मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।  आदि कैलाश पर्वत के पास ही पार्वती ताल स्तिथ है। टूरिस्ट को यहाँ की ख़ूबसूरती और साथ ही धार्मिक बातें खींच लाती हैं। आदि कैलाश जाने के रास्ते में आपको ॐ पर्वत भी दिख जायेगा।  रास्ते में आपको वहा की हरियाली मंत्रमुग्ध  कर देगी। 



आदि कैलाश नेपाल के दार्चुला जिले एवं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के पर्वत मालाओ में बसा हुआ है। आप अपनी यात्रा यही से शुरू कर सकते हैं।  यात्रा के लिए बेस कैंप तवाघाट है मतलब यहाँ से आप ट्रैकिंग कर सकते हैं पर धारचूला में आपको सारी सुविधाएं जैसे खाने एवं रहने की सुविधाएँ मिल जाएँगी।

आदि कैलाश पर्वत कैसे करें यह यात्रा

कैसे पहुचें :- सबसे नजदीकी एयरपोर्ट (हवाईअड्डा ) पंतनगर में स्थित है जो की धारचूला से लगभग ३०० किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।  सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर में स्थित है जो की लगभग २४० किलोमीटर की दुरी पर है। आप रोडवेज की बस भी ले सकते हैं जो आपको टनकपुर तक छोड़ देगी और उसके बाद वहा से लोकल टैक्सी ले सकते हैं। 

यात्रा के लिए आपको सारा जरुरी सामान ले जाने की जरुरत है क्योकि काफी लम्बा ट्रेकिंग रास्ता है और आपको टेंट में ही रहना पड़ेगा।  यह काफी लम्बा रास्ता है जहा पर आपको कठिनाई का सामना तो करना पड़ेगा परन्तु आपको ऐसी जगहें देखने को भी मिलेंगी जहाँ आप सचमुच रोमांच एंड उत्साह से भरपूर होंगे। यह ट्रेकिंग यानि की पैदल मार्ग लगभग ६० किलोमीटर से भी ज्यादा है।  और यहाँ जाने से पहले आपको पूरी तरह से तैयार रहना होगा। 

तो हमारी सुभकामनाये है आप लोंगो के साथ अगर आप यह यात्रा शुरू करने वाले हैं तो।  एवं हमारी वेबसाइट को फॉलो करना न भूले ताकि समय समय पर आपको और भी जगहों के बारे में पता चलता रहे।

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